गो आधारित ग्राम विकास के लिए 8 पंचायतों के प्रशिक्षण वर्गों में 20 गाँवों के 252 किसानों को गोबर और गौमूत्र के उपयोग द्वारा आर्थिक विकास का प्रशिक्षण दिया गया।
1) दिनांक 6 जून से 9 जून तक : मालदा जिले के हबीबपुर खंड के मंगलपुरा अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 4 गाँवो से आये हुए 66 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 62 महिलाएं थीं।
2) दिनांक 25 जून से 28 जून तक : दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्वीप खंड के दक्षिण चाँदीपुर अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 4 गाँवो से आये हुए 25 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 21 महिलाएं और 3 युवा थें।
3) दिनांक 9 जुलाई से 12 जुलाई तक : मालदा जिला के हबीबपुर खंड के ऑक्टेल अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 3 गाँवो से हुए 33 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 33 महिलाऐ थीं।
4) दिनांक 14 जुलाई से 17 जुलाई तक : बांकुड़ा जिला के सिमलापारा खंड के बिक्रमपुर अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 3 गाँवो से आये हुए 14 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 8 महिलाऐं और 6 युवा थें।
5) दिनांक 17 जुलाई से 20 जुलाई तक : दक्षिण दिनाजपुर जिला के बंसिहारी खंड के ब्रजबल्लभपुर अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 1 गाँव से आये हुए 39 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 3 महिलाऐ और 18 युवा थें।
6) दिनांक 16 जुलाई से 19 जुलाई तक : झाड़ग्राम जिला के झाड़ग्राम खंड के सुकनीबासा अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 1 गाँव से आये हुए 35 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 20 महिलाऐ और 5 युवा थें।
7) दिनांक 19 जुलाई से 22 जुलाई तक : बांकुड़ा जिला के बांकुड़ा -1 खंड के केंजाकुरा अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 2 गाँवो से आये हुए 19 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें 12 महिलाऐ और 1 युवा थें।
8) दिनांक 24 जुलाई से 28 जुलाई तक : पुरूलिया जिला के काशीपुर खंड के बर्राह अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 2 गाँवो से आये हुए 8 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें 1 महिला और 2 युवा थें।
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अब तक कुल 202 प्रशिक्षण वर्ग में 1125 गांव के 4197 किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।