गौसेवा परिवार समिति, जयपुर द्वारा गांव - गांव में किसानों को गोबर - गोमूत्र के उपयोग का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। गोसेवा परिवार, कोलकाता के मार्गदर्शन में ये प्रशिक्षण चलाया जा रहा है। मात्र एक माह में 5 प्रशिक्षण शिविरों के माध्यम से 14 गांव के 75 किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रशिक्षण लेने वाले किसानों का कहना है कि गोबर - गोमूत्र के इतने लाभ है यह हमें पता नहीं था। ये किसान अब बिन-दुधारू गोवंश को आजीवन पालने को तैयार हैं। इस प्रशिक्षण को राजस्थान के प्रत्येक गांव तक पहुँचाने के लिए गौसेवा परिवार समिति, ने 100 “पूर्णकालिक गोग्राम प्रशिक्षक” तैयार करने का संकल्प लिया है। जिससे राजस्थान का हर किसान गोपालन करे और कोई भी किसान अपना गोवंश घर से निष्कासित न करे या बेचे नहीं। गौसेवा परिवार समिति का मानना है कि इसी से सम्पूर्ण गोरक्षा संभव है।