5 प्रशिक्षण वर्गों में 17 गाँवों के 93 किसानों को (जिसमें 31 महिलायें थी) गोबर और गौमूत्र के उपयोग द्वारा आर्थिक विकास का प्रशिक्षण दिया गया।

गो आधारित ग्राम विकास के लिए 7 पंचायतों के प्रशिक्षण वर्गों में 27 गाँवों के 150 किसानों को (जिसमें 78 महिलायें थी) गोबर और गौमूत्र के उपयोग द्वारा आर्थिक विकास का प्रशिक्षण दिया गया।

1) दिनांक 13 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक : कूचबिहार जिला के शिकारपुर खंड के कुरसामाड़ी अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 6 गावों से आये हुए एक महिला सहित 31 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। 

2) दिनांक 19 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक : दक्षिण 24 परगना जिला के रायदिघी खंड के कुमडोपाडा अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 3 गावों से आये हुए 21 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें 14 महिलाये थी। 

3) दिनांक 19 अक्टूबर से 22 अक्टूबर तक : मालदा जिला के वैष्णव नगर खंड के कृष्णपुर अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 5 गावों से आये हुए 20 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें 13 महिलाये थी। 

4) दिनांक 20 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक : मुर्शिदाबाद  जिला के नवदा खंड के शालिकाडंगा अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 1 गावों से आये हुए 12 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। 

5) दिनांक 28 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक : दक्षिण 24 परगना जिला के मोहनपुर खंड के रेनिया अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 2 गावों से आये हुए 9 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें 3 महिलाये थी।  

अब तक कुल 155 प्रशिक्षण वर्ग में 980 गांव के 3108 किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

गोरक्षा हेतु गोग्राम अभियान को बंगाल के सभी 40000 गांव तक पहुंचाने के लिए गोग्राम संरक्षक बन, आप भी इस अभियान में सहभागी बनें। संपर्क सूत्र : 8100330044

  • 31st Oct, 2022