गोबर-गौमूत्र आधारित कृषि पद्धति से कम वर्षा में भी जूट की फसल सुरक्षित रही

  • 18 July 2022
  • जन्मेजय मंडल
  • ग्राम- शंकरटोला, खंड- मानिकचक, जिला- मालदा
  • गौ आधारित कृषि

(#054)

मैंने गोसेवा परिवार से प्रशिक्षण लिया है। वहाँ मुझे गोबर-गोमूत्र आधारित कृषि पद्धति से खेती करने के विषय में सिखाया गया। मैंने अपने जूट की खेती गो-आधारित कृषि पद्धति से की। इस बार हमारे क्षेत्र में बरसात कम हुई है। जिसके कारण मेरे आस-पास खेती ख़राब हो गयी है, परन्तु मेरी फसल सुरक्षित है।