मात्र 60 रु खर्च कर खीरे की खेती में दोगुने से अधिक लाभ हुआ।

  • 08 November 2022
  • कालीपद मंडल
  • ग्राम : गोड़ापाड़ा, प्रखंड : कटवा 1 नं, जिला : पूर्व वर्धमान
  • गौ आधारित कृषि

(#075)

मैंने गोसेवा से प्रशिक्षण लेने के पश्चात गोबर - गोमूत्र आधारित खाद और कीट नियंत्रण का प्रयोग अपने 4 कट्ठा जमीन में किया। बाकी के 4 कट्ठा में रासायनिक पद्धति से खेती की। रासायनिक खाद इत्यादि पर 868/- रुपये खर्च हुए। जैविक पद्धति से खेती करने में मात्र 60 रु खर्च हुए। रासायनिक खेती से उत्पादित खीरे की बिक्री से मुझे 3200 जबकि जैविक खीरे की बिक्री से मुझे 6300 रु प्राप्त हुए।