गोबर-गोमूत्र आधारित खाद से पपीते का उत्पादन बढ़ा और अतिरिक्त लाभ हुआ।

  • 29 April 2023
  • प्रदीप देवांशी
  • ग्राम -सर्बोदलपुर, खंड-श्रीनिकेतन, जिला -बीरभूम
  • गौ आधारित कृषि

विवरण : गोसेवा परिवार से मुझे 12 पपीते के पेड़ मिले और गोसेवा परिवार से प्रशिक्षण लेकर मैंने अमृतजल और कीटनाशक का प्रयोग किया जिससे मुझे बहुत लाभ हुआ और पपीते भी बहुत अच्छे और बड़े आकार के हुए।