गो आधारित ग्राम विकास के लिए 9 पंचायतों के प्रशिक्षण वर्गों में 14 गाँवों के 296 किसानों को गोबर और गौमूत्र के उपयोग द्वारा आर्थिक विकास का प्रशिक्षण दिया गया।

गो आधारित ग्राम विकास के लिए 9 पंचायतों के प्रशिक्षण वर्गों में 14 गाँवों के 296 किसानों को गोबर और गौमूत्र के उपयोग द्वारा आर्थिक विकास का प्रशिक्षण दिया गया।
1) दिनांक 4 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक : झारग्राम जिले के नयाग्राम खंड के खरीकामथानी अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 2 गाँव से आये हुए 25 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 19 महिलाएं और 4 युवा थे।

2) दिनांक 5 अक्टूबर से 8 अक्टूबर तक : बीरभूम जिले के महादेव बाजार खंड के हिंगला अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 2 गाँव से आये हुए 22 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 7 युवा थे।

3) दिनांक 5 अक्टूबर से 8अक्टूबर तक : झारग्राम जिला के झारग्राम खंड के दुधकुंडी अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 1 गाँव से आये हुए 31 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 25 महिलाएं और 2 युवा थे।

4) दिनांक 8 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक : कूचबिहार जिला के माथाभाँगा-2 खंड के नयारहाट अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 1 गाँव से आये हुए 20 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 10 महिलाऐं और 8 युवा थें।

5) दिनांक 9 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक : बांकुरा जिला के बांकुरा-1 खंड के केंजाकुरा अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 1 गाँव से आये हुए 60 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 55 महिलाऐं और 5 युवा थें।

6) दिनांक 9 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक : पुरुलिया जिला के काशीपुर खंड के बर्राह अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 1 गाँव से आये हुए 26 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 25 महिलाऐ थीं।

7) दिनांक 9 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक : झारग्राम जिला के झारग्राम खंड के सासरा-3 अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 3 गाँवो से आये हुए 45 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें 28 महिलाऐ और 13 युवा थें।

8) दिनांक 12 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक : मालदा जिला के हबीबपुर खंड के जगदाला अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 2 गाँव से आये हुए 27 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें 10 महिलाये और 7 युवा थें।

9) दिनांक 13 अक्टूबर से 16 अक्टूबर तक : बांकुरा जिला के खाकरा खंड के गोराबारी अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 1 गाँव से आये हुए 26 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया। जिसमें 13 महिलाये और 2 युवा थें।

अब तक कुल 229 प्रशिक्षण वर्ग में 1171 गांवो के 4969 किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
गोरक्षा के लिए किसानों को गोबर गोमूत्र का उपयोग सिखाना होगा। इसे सिखाने के लिए अच्छे प्रशिक्षक (पूर्णकालिक) चाहिए। इन प्रशिक्षकों के आजीविका के लिए प्रतिमाह मानधन चाहिए। ऐसे 100 प्रशिक्षकों के मान धन की स्थाई व्यवस्था के लिए गोसेवा परिवार ने 20 करोड़ रुपए का "गोग्राम प्रशिक्षक संरक्षण कोष" बनाने का संकल्प लिया है। आइए गोरक्षा के इस महायज्ञ में हम सभी अपने - अपने सामर्थ्य अनुसार सहभागी बनें।

संपर्क करें 8100330044एक किसान को प्रशिक्षण देने की लागत रु1200/- आती है जिससे चार गोवंश का आजीवन संरक्षण होता है।
गोरक्षा हेतु गोग्राम अभियान को बंगाल के सभी 40000 गांव तक पहुंचाने के लिए गोग्राम संरक्षक बन, आप भी इस अभियान में सहभागी बनें। संपर्क सूत्र : 8100330044

  • 04th Oct, 2023
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  • 16th Oct, 2023