विवरण : सुनील लोहार जी ने 3 बीघा जमीन पर धान की खेती की थी। उन्होंने गोबर- गोमूत्र द्वारा निर्मित खाद और कीट नाशक का प्रयोग किया, उनकी इस जमीन में रसायनिक खाद की लागत 9 हजार रुपये आती थी, परंतु गो आधारित खेती पर उनके मात्र 1500 रु खर्च हुए। 8000 रु की सीधी बचत हुई। इसके साथ ही इस बार बारिश कम होने के कारण धान की खेती पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।