गो आधारित ग्राम विकास के लिए 4 पंचायतों के प्रशिक्षण वर्गों में 11 गाँवों के 97 किसानों को गोबर और गौमूत्र के उपयोग द्वारा आर्थिक विकास का प्रशिक्षण दिया गया।अब तक कुल 233 प्रशिक्षण वर्ग में 1182 गांवो के 5066 किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

गो आधारित ग्राम विकास के लिए 4 पंचायतों के प्रशिक्षण वर्गों में 11 गाँवों के 97 किसानों को गोबर और गौमूत्र के उपयोग द्वारा आर्थिक विकास का प्रशिक्षण दिया गया।
1) दिनांक 5 नवम्बर से 8 नवम्बर तक : बांकुरा जिले के खाकरा खंड के दुधकुंडी अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 1 गाँव से आये हुए 31 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 29 महिलाएं थीं।

2) दिनांक 22 नवम्बर से 25 नवम्बर तक :बांकुरा जिले के बांकुरा -1 खंड के केंजाकुरा अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 3 गाँव से आये हुए 16 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 15 महिलाएं थीं।

3) दिनांक 20 दिसम्बर से 23 दिसम्बर तक : झारग्राम जिला के झारग्राम खंड के सासरा -3 अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 2 गाँव से आये हुए 20 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 18 महिलाएं और 2 युवा थे।

4) दिनांक 26 दिसम्बर से 29 दिसम्बर तक : पश्चिम मेदनीपुर जिला के मादपुर खंड के पापरया अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 5 गाँव से आये हुए 30 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 2 महिलाऐं और 8 युवा थें।

अब तक कुल 233 प्रशिक्षण वर्ग में 1182 गांवो के 5066 किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

गोरक्षा के लिए किसानों को गोबर गोमूत्र का उपयोग सिखाना होगा। इसे सिखाने के लिए अच्छे प्रशिक्षक (पूर्णकालिक) चाहिए। इन प्रशिक्षकों के आजीविका के लिए प्रतिमाह मानधन चाहिए। ऐसे 100 प्रशिक्षकों के मान धन की स्थाई व्यवस्था के लिए गोसेवा परिवार ने 20 करोड़ रुपए का "गोग्राम प्रशिक्षक संरक्षण कोष" बनाने का संकल्प लिया है। आइए गोरक्षा के इस महायज्ञ में हम सभी अपने - अपने सामर्थ्य अनुसार सहभागी बनें।

संपर्क करें 8100330044एक किसान को प्रशिक्षण देने की लागत रु1200/- आती है जिससे चार गोवंश का आजीवन संरक्षण होता है।
गोरक्षा हेतु गोग्राम अभियान को बंगाल के सभी 40000 गांव तक पहुंचाने के लिए गोग्राम संरक्षक बन, आप भी इस अभियान में सहभागी बनें। संपर्क सूत्र : 8100330044

  • 05th Nov, 2023
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  • 29th Dec, 2023