गो आधारित ग्राम विकास के लिए 5 पंचायतों के प्रशिक्षण वर्गों में 16 गाँवों के 181 किसानों को गोबर और गौमूत्र के उपयोग द्वारा आर्थिक विकास का प्रशिक्षण दिया गया।

गो आधारित ग्राम विकास के लिए 5 पंचायतों के प्रशिक्षण वर्गों में 16 गाँवों के 181 किसानों को गोबर और गौमूत्र के उपयोग द्वारा आर्थिक विकास का प्रशिक्षण दिया गया।

1) दिनांक 24 जनवरी से 27 जनवरी तक : झारग्राम जिले के झारग्राम खंड के दुधकुंडी अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 1 गाँव से आये हुए 30 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 22 महिलाएं और 3 युवा थे।

2) दिनांक 21 फरवरी से 24 फरवरी तक : बांकुरा जिला के बांकुरा-1 खंड के केंजाकुरा अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 1 गाँव से आये हुए 15 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया।

3) दिनांक 22 अप्रैल से 25 अप्रैल तक : झारग्राम जिला के नयाग्राम खंड के खाकरा अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 4 गाँव से आये हुए 30 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 27 महिलाएं थी।

4) दिनांक 13 मई से 16 मई तक : झारग्राम जिला के नयाग्राम खंड के खाकरा अंचल के प्रशिक्षण वर्ग में 5 गाँव से आये हुए 53 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया।

5) दिनांक 12 मई से 15 मई तक : झारग्राम जिला के नयाग्राम खंड के खाकरा अंचल  के प्रशिक्षण वर्ग में 5 गाँव से आये हुए 53 किसानों को प्रशिक्षण दिया गया जिसमें 43 महिलाऐं और 10 युवा थें।

अब तक कुल 238 प्रशिक्षण वर्ग में 1198 गांवो के 5247 किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है

गोरक्षा के लिए किसानों को गोबर गोमूत्र का उपयोग सिखाना होगा।

इसे सिखाने के लिए अच्छे प्रशिक्षक (पूर्णकालिक) चाहिए। इन प्रशिक्षकों के आजीविका के लिए प्रतिमाह मानधन चाहिए। ऐसे 100 प्रशिक्षकों के मान धन की स्थाई व्यवस्था के लिए गोसेवा परिवार ने 20 करोड़ रुपए का "गोग्राम प्रशिक्षक संरक्षण कोष" बनाने का संकल्प लिया है। आइए गोरक्षा के इस महायज्ञ में हम सभी अपने - अपने सामर्थ्य अनुसार सहभागी बनें।

संपर्क करें 8100330044एक किसान को प्रशिक्षण देने की लागत रु1200/- आती है जिससे चार गोवंश का आजीवन संरक्षण होता है।
गोरक्षा हेतु गोग्राम अभियान को बंगाल के सभी 40000 गांव तक पहुंचाने के लिए गोग्राम संरक्षक बन, आप भी इस अभियान में सहभागी बनें। संपर्क सूत्र : 8100330044

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