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ऊपर कहान गाँव की निवासी सावित्री महतो जी ने गोसेवा परिवार के अयोध्या पहाड़ के प्रशिक्षण वर्ग में प्रशिक्षण लिया। वहाँ उनको गौ मूत्र की उपयोगिता के बारे में सिखाया और बताया गया। उनके ससुर जी श्री अनूप महतो मधुमेय से पीड़ित थे। नियमित गौमूत्र सेवन से उनका सुगर स्तर सामान्य हो गया।