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मैंने गोसेवा परिवार से प्रशिक्षण लिया है। मैंने इस वर्ष गोबर-गोमूत्र आधारित कृषि पद्धति से अपनी 4.3 कट्ठा जमीन पर परवल की खेती की। मेरी जमीन में बिलकुल भी केंचुए नहीं थे। गोबर-गोमूत्र आधारित पद्धति से मेरी जमीन में अब बहुत केंचुए हैं। इस बार मेरी परवल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में वृद्धि हुई है। पिछले एक महीने में 60 किलो से अधिक परवल का उत्पादन हुआ है। बाजार में औरों की तुलना में मेरी फसल को 10 रु अधिक मूल्य भी मिला है जिसके कारण मुझे अधिक लाभ हुआ।