विवरण : हमारे गांव में गोग्राम प्रशिक्षण वर्ग हुआ था। अब यहां मैं गांव की बैठकों में नियमित भाग लेता हूँ। मैंने गोबर- गोमूत्र द्वारा निर्मित खाद और कीट नियंत्रण बनाना सीखा है। मैंने चार कट्ठा जमीन में शीतकालीन फसल बैंगन की खेती की और इतनी पैदावार हुई की सप्ताह में दो बार बाजारों में बेचकर 1800 रुपये कमाए, मैं बहुत खुश हूँ।